सौंदर्य प्रसाधन; रोग के कारण

रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों के अत्यधिक प्रयोग और त्वचा के स्वास्थ्य के बीच संबंध पर यह लेख चर्चा करता है। इसमें प्राकृतिक आहार, पर्याप्त जल सेवन और प्राकृतिक उपायों के माध्यम से त्वचा को स्वस्थ रखने के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया है।
Author Name: डॉ. राजेश कुमार

आज के परिवेश में हर कोई गोरा ,सुंदर और आकर्षक दिखना चाहता है जिसके लिए तमाम प्रकार के रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करता है ,ये रासायनिक सौंदर्य प्रसाधन कई प्रकार के त्वचा रोगों के कारक है।

पशु पक्षियों की त्वचा-

हमने बहुत से पशु- पक्षियों को देखा है ,उनकी त्वचा बहुत ही सुंदर, आकर्षक, मोहक व चमकदार दिखती है , वे किसी भी प्रकार के रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग नहीं करते ; हमने आज तक किसी भी पशु – पक्षी को मुंहासे, झांई- झुर्रियां,तिल,मस्से या चर्म रोग से ग्रसित नहीं देखा !

हमने देखा है कि पशु पक्षी अपनी एक नियमित दिनचर्या व विशेष भोजन का सेवन करते हैं जिसकी वजह से पूरे जीवन काल में उनकी त्वचा सुंदर ,कोमल , मोहक,आकर्षक बनी रहती है।

हम सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग क्यों करते हैं-

जहां तक मेरा अनुभव है लोग अपने चेहरे के रंग, दाग- धब्बे, तील, मुंहासे ,झांईं -झुर्रियां व निशान को छुपाने हेतु तमाम प्रकार के रसायनों से बने सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करते हैं, एक बार इन सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करने की वजह से त्वचा पर रूखापन, त्वचा संबंधी कई प्रकार की समस्याएं आ जाती हैं और व्यक्ति बार-बार इन रसायनों से बने सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करने का आदी हो जाता है।

सौंदर्य प्रसाधन में प्रयोग किए जाने वाले रसायन और उनसे हानियां-

सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली कंपनियों का यह बहुत बड़ा उद्योग है ,जिससे उन्हें काफी मुनाफा होता है और वे प्राकृतिक रसायनों का कम मात्रा में प्रयोग करते हैं जबकि पारा, हाइड्रो- क्यूनान ऐसिथ पैराबेन, न्यूट्री पैराबेन ,आइसोप्रोपिल जैसे खतरनाक कृत्रिम रसायनों का प्रयोग अधिक किया जाता है जिससे तमाम प्रकार के चर्म रोग एलर्जी, त्वचा में जलन, खुजली ,मुंहासे , किडनी के रोग,यहां तक कि त्वचा के रोम कुप भी बंद हो जाते हैं ,जिससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर नहीं निकलते ,शरीर के अंदर ही पड़े रहते हैं, रासायनिक सौंदर्य प्रसाधन अंत: स्रावी ग्रंथियों तक को नुकसान पहुंचा देते हैं।

त्वचा को सुंदर आकर्षक मोहक बनाने का रहस्य-

त्वचा को सुंदर आकर्षक व मोहक बनाने हेतु पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोज्य पदार्थ जैसे – भोजन में 80% मौसमी फल व हरी पत्ते सब्जियों का प्रयोग करें, भोजन को खूब चबा चबाकर खाएं, प्रतिदिन एलोवेरा, लौकी, खीरा, गाजर या टमाटर के जूस का सेवन करें, पर्याप्त मात्रा में जल का सेेेेवन करें , चेहरेे पर बेसन, एलोवेरा या आलू का पेस्ट बनाकर लगाएं।

सारांश –

त्वचा को सुंदर, मोहक, गोरा व आकर्षक किसी भी प्रकार के रासायनिक सौंदर्य प्रसाधन नहीं बनाते, अपितु उनकी वजह से तमाम प्रकार के त्वचा व स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं; पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त मौसमी फल व हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से त्वचा सहित शरीर के समस्त अंगों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, अशुद्धियां शरीर से बाहर निकलती हैं त्वचा मोहक ,सुंदर व आकर्षक ठीक उसी प्रकार बनी रहती है जिस प्रकार पशु – पक्षियों के।

(डॉ.राजेश कुमार, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान से डी. एन .वाई .टी .,बी. एन. वाई .एस .उपाधि प्राप्त हैं; वर्तमान समय में “स्वस्थ भारत अभियान “व “स्वास्थ्य पर चर्चा” नामक कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों व ग्राम वासियों को सही जीवन शैली ,खानपान व प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं ताकि वे स्वस्थ व दीर्घायु जीवन व्यतीत कर सकें।

Stay connected with news and updates!

लेख में दिए गए सुझाव:मौसमी फलों और हरी पत्तेदार सब्जियों को आहार में शामिल करने पर जोर दिया गया है। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाने की सलाह दी गई है। पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन करने की बात कही गई है। लेख में एलोवेरा, लौकी, खीरा, गाजर और टमाटर के जूस का उल्लेख किया गया है। चेहरे पर बेसन, एलोवेरा या आलू का पेस्ट लगाने का सुझाव दिया गया है।
यह लेख रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों, त्वचा स्वास्थ्य और प्राकृतिक आहार के संबंध में लेखक के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है। लेख में कुछ कारण-परिणाम संबंधी दावे किए गए हैं, जैसे रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों को विभिन्न त्वचा, किडनी और अंतःस्रावी समस्याओं से जोड़ना तथा यह दावा कि पशु-पक्षियों में कुछ त्वचा रोग नहीं होते। इन दावों को सामान्य चिकित्सकीय तथ्य या स्थापित कारण-परिणाम संबंध के रूप में नहीं समझना चाहिए। किसी त्वचा संबंधी समस्या, एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य त्वचा विशेषज्ञ या स्वास्थ्य पेशेवर से उचित सलाह लेना उचित है। किसी भी कॉस्मेटिक या घरेलू त्वचा-उपचार को उपयोग करने से पहले व्यक्तिगत संवेदनशीलता और एलर्जी को ध्यान में रखें।

TAGS

आज के परिवेश में हर कोई गोरा ,सुंदर और आकर्षक दिखना चाहता है जिसके लिए तमाम प्रकार के रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करता है ,ये रासायनिक सौंदर्य प्रसाधन कई प्रकार के त्वचा रोगों के कारक है।

पशु पक्षियों की त्वचा-

हमने बहुत से पशु- पक्षियों को देखा है ,उनकी त्वचा बहुत ही सुंदर, आकर्षक, मोहक व चमकदार दिखती है , वे किसी भी प्रकार के रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग नहीं करते ; हमने आज तक किसी भी पशु – पक्षी को मुंहासे, झांई- झुर्रियां,तिल,मस्से या चर्म रोग से ग्रसित नहीं देखा !

हमने देखा है कि पशु पक्षी अपनी एक नियमित दिनचर्या व विशेष भोजन का सेवन करते हैं जिसकी वजह से पूरे जीवन काल में उनकी त्वचा सुंदर ,कोमल , मोहक,आकर्षक बनी रहती है।

हम सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग क्यों करते हैं-

जहां तक मेरा अनुभव है लोग अपने चेहरे के रंग, दाग- धब्बे, तील, मुंहासे ,झांईं -झुर्रियां व निशान को छुपाने हेतु तमाम प्रकार के रसायनों से बने सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करते हैं, एक बार इन सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करने की वजह से त्वचा पर रूखापन, त्वचा संबंधी कई प्रकार की समस्याएं आ जाती हैं और व्यक्ति बार-बार इन रसायनों से बने सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग करने का आदी हो जाता है।

सौंदर्य प्रसाधन में प्रयोग किए जाने वाले रसायन और उनसे हानियां-

सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली कंपनियों का यह बहुत बड़ा उद्योग है ,जिससे उन्हें काफी मुनाफा होता है और वे प्राकृतिक रसायनों का कम मात्रा में प्रयोग करते हैं जबकि पारा, हाइड्रो- क्यूनान ऐसिथ पैराबेन, न्यूट्री पैराबेन ,आइसोप्रोपिल जैसे खतरनाक कृत्रिम रसायनों का प्रयोग अधिक किया जाता है जिससे तमाम प्रकार के चर्म रोग एलर्जी, त्वचा में जलन, खुजली ,मुंहासे , किडनी के रोग,यहां तक कि त्वचा के रोम कुप भी बंद हो जाते हैं ,जिससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर नहीं निकलते ,शरीर के अंदर ही पड़े रहते हैं, रासायनिक सौंदर्य प्रसाधन अंत: स्रावी ग्रंथियों तक को नुकसान पहुंचा देते हैं।

त्वचा को सुंदर आकर्षक मोहक बनाने का रहस्य-

त्वचा को सुंदर आकर्षक व मोहक बनाने हेतु पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोज्य पदार्थ जैसे – भोजन में 80% मौसमी फल व हरी पत्ते सब्जियों का प्रयोग करें, भोजन को खूब चबा चबाकर खाएं, प्रतिदिन एलोवेरा, लौकी, खीरा, गाजर या टमाटर के जूस का सेवन करें, पर्याप्त मात्रा में जल का सेेेेवन करें , चेहरेे पर बेसन, एलोवेरा या आलू का पेस्ट बनाकर लगाएं।

सारांश –

त्वचा को सुंदर, मोहक, गोरा व आकर्षक किसी भी प्रकार के रासायनिक सौंदर्य प्रसाधन नहीं बनाते, अपितु उनकी वजह से तमाम प्रकार के त्वचा व स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं; पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त मौसमी फल व हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से त्वचा सहित शरीर के समस्त अंगों को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, अशुद्धियां शरीर से बाहर निकलती हैं त्वचा मोहक ,सुंदर व आकर्षक ठीक उसी प्रकार बनी रहती है जिस प्रकार पशु – पक्षियों के।

(डॉ.राजेश कुमार, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान से डी. एन .वाई .टी .,बी. एन. वाई .एस .उपाधि प्राप्त हैं; वर्तमान समय में “स्वस्थ भारत अभियान “व “स्वास्थ्य पर चर्चा” नामक कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों व ग्राम वासियों को सही जीवन शैली ,खानपान व प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं ताकि वे स्वस्थ व दीर्घायु जीवन व्यतीत कर सकें।

Stay connected with news and updates!

लेख में दिए गए सुझाव:मौसमी फलों और हरी पत्तेदार सब्जियों को आहार में शामिल करने पर जोर दिया गया है। भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाने की सलाह दी गई है। पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन करने की बात कही गई है। लेख में एलोवेरा, लौकी, खीरा, गाजर और टमाटर के जूस का उल्लेख किया गया है। चेहरे पर बेसन, एलोवेरा या आलू का पेस्ट लगाने का सुझाव दिया गया है।
यह लेख रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों, त्वचा स्वास्थ्य और प्राकृतिक आहार के संबंध में लेखक के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है। लेख में कुछ कारण-परिणाम संबंधी दावे किए गए हैं, जैसे रासायनिक सौंदर्य प्रसाधनों को विभिन्न त्वचा, किडनी और अंतःस्रावी समस्याओं से जोड़ना तथा यह दावा कि पशु-पक्षियों में कुछ त्वचा रोग नहीं होते। इन दावों को सामान्य चिकित्सकीय तथ्य या स्थापित कारण-परिणाम संबंध के रूप में नहीं समझना चाहिए। किसी त्वचा संबंधी समस्या, एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य त्वचा विशेषज्ञ या स्वास्थ्य पेशेवर से उचित सलाह लेना उचित है। किसी भी कॉस्मेटिक या घरेलू त्वचा-उपचार को उपयोग करने से पहले व्यक्तिगत संवेदनशीलता और एलर्जी को ध्यान में रखें।

TAGS